रायपुर(जीतयादव)। राजधानी से लगे नकटी गांव में सोमवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने विरोध-प्रदर्शन किया, अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई और कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी भी हुई। हालांकि भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने कार्रवाई पूरी करते हुए 77 अतिक्रमण हटा दिए।
विरोध और पत्थरबाजी के बीच नकटी गांव में 77 अतिक्रमण हटाए, प्रभावित परिवारों को ईडब्ल्यूएस आवासों में किया गया शिफ्ट।
प्रशासन के अनुसार वार्ड क्रमांक 16 और 17 में करीब 9 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। कार्रवाई के दौरान लगभग 77 मकानों के साथ बाउंड्रीवाल और फेंसिंग से किए गए कब्जों को भी हटाया गया। पूरे अभियान के दौरान बड़ी संख्या में राजस्व अधिकारी, नगर निगम की टीम और पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई तथा ड्रोन से भी निगरानी रखी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव के तीनों प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी।

नकटी गांव में कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने बुलडोजर के सामने बैठकर नारेबाजी की और विरोध जताया। कुछ लोगों ने जेसीबी पर पत्थर भी फेंके, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित परिवारों के सामान को नगर निगम के वाहनों से नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों तक पहुंचाया गया, जहां उन्हें अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है।
वहीं, भारती साहू, सोनी यादव, मुकुंद साहू समेत नकटी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं और उन्हें बिजली, पानी सहित अन्य सरकारी सुविधाएं भी मिलती रही हैं। उनका दावा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई मकान भी स्वीकृत हुए थे, ऐसे में अब उसी भूमि को अतिक्रमण बताकर हटाना उनके साथ अन्याय है। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर की गई है।


