रायपुर(जीतयादव)। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल के महीनों में APK फाइल के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साइबर विशेषज्ञों और बैंकिंग संस्थानों ने लोगों को अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करने की चेतावनी दी है।
APK फाइल व्हाट्सएप और SMS के जरिए भेजे जा रहे फर्जी ऐप, साइबर विभाग ने जारी की चेतावनी।
APK (Android Package Kit) एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने की फाइल होती है। ठग इसे बैंक KYC अपडेट, बिजली बिल, ट्रैफिक चालान, इनकम टैक्स नोटिस, शादी का निमंत्रण या सरकारी योजना के नाम पर व्हाट्सएप, SMS और टेलीग्राम के माध्यम से भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को इंस्टॉल करता है, उसके मोबाइल की संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे फर्जी ऐप OTP, बैंकिंग डिटेल, UPI जानकारी, कॉन्टैक्ट्स और मैसेज तक की पहुंच हासिल कर लेते हैं। कई मामलों में अपराधी मोबाइल का रिमोट कंट्रोल लेकर बैंक खातों से रकम निकाल लेते हैं। देश के विभिन्न राज्यों में APK आधारित साइबर ठगी के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लाखों रुपये की ठगी हुई है।
साइबर विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध लिंक फाइल को न खोलें और न ही इंस्टॉल करें। केवल आधिकारिक Google Play Store या विश्वसनीय स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें। यदि गलती से कोई संदिग्ध APK इंस्टॉल हो जाए और बैंक खाते से लेन-देन की आशंका हो, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।



