बसना(जीतयादव)। बसना थाना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। क्षेत्र में निवासरत 64 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षक कमल सिंह चौहान ने चोरी की शिकायत पर लंबे समय से कार्रवाई न होने को लेकर गंभीर नाराजगी जाहिर करते हुए उच्च पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपा है।

रिटायर्ड शिक्षक के चोरी की शिकायत 48 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर 2025 की रात कमल सिंह चौहान के घर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़ित के अनुसार घर में रखी आलमारी से 1 लाख 15 हजार रुपये नकद, 2500 रुपये के सिक्के, स्कूटी की आरसी बुक, आयकर रिटर्न से संबंधित दस्तावेज, जमीन का पट्टा, 6 मोबाइल फोन (3 चालू व 3 खराब), बैंक पासबुक, कपड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण कागजात चोरी हो गए।

पीड़ित चौहान ने अपनी शिकायत में ग्राम लिमाउगुडा निवासी महिला जयंती तांडी पर संदेह व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि घटना से पूर्व दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद महिला ने फोन पर उन्हें धमकी दी थी कि “आज रात आकर तुम्हारा मर्डर कर दूंगी।” चौहान का कहना है कि धमकी से भयभीत होकर वे सोए थे और उसी रात चोरी की घटना घटित हुई।

कमल सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने 1 नवंबर 2025 को ही थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 48 दिन बीत जाने के बावजूद न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही कोई ठोस जांच शुरू की गई। इसके बाद उन्होंने उप पुलिस अधीक्षक सरायपाली एवं पुलिस अधीक्षक महासमुंद को भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई।

पीड़ित ने थाना प्रभारी बसना नरेंद्र राठौर पर टालमटोल और असंवेदनशील व्यवहार का आरोप लगाया है। चौहान का कहना है कि एक बार उन्हें यह कहकर थाने बुलाया गया कि संबंधित महिला मौजूद है, लेकिन थाने पहुंचने पर कोई नहीं मिला और वे शाम तक इंतजार करते रहे।लगातार अनदेखी से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कमल सिंह चौहान ने अपने आवेदन में यहां तक लिखा है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी थाना प्रभारी बसना एवं प्रशासन की होगी।
इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित और परिजनों को अब उच्च स्तर से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उम्मीद है।



