बसना(जीतयादव)।मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि यह आदेश किसानों को अपमानित करने और धान खरीदी प्रक्रिया को बाधित करने की सोची-समझी साजिश है। पहले सरकार द्वारा टोकन जारी कर किसानों को बुलाया जाता है और फिर मौके पर नए-नए नियम थोपकर किसानों को घंटों और कई बार दिनों तक लाइनों में खड़ा रखा जाता है।उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि यह सरकार किसानों को संदेह की नजर से देखने लगी है।

बीजापुर जिले के धान उपार्जन केंद्रों में 15 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों पर तहसीलदार सत्यापन अनिवार्य किए जाने के आदेश को लेकर जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस के सक्रिय नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
“जब टोकन सरकार का है, पंजीयन सरकार का है, तो फिर तहसीलदार का सत्यापन किस धोखाधड़ी की तलाश में किया जा रहा है? यह सीधा-सीधा किसान विरोधी मानसिकता का परिचायक है।”
15 क्विंटल से अधिक धान खरीदी पर तहसीलदार सत्यापन को बताया किसान विरोधी साजिश
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की तथाकथित मोदी की गारंटी और सुशासन का सच अब किसानों के सामने उजागर हो चुका है। धान बेचने आए किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि अधिकारी केवल कागजी आदेशों का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आगे कहा कि इस आदेश के कारण—
धान खरीदी में जानबूझकर अवरोध पैदा किया जा रहा है,
बिचौलियों और दलालों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल रहा है,
ईमानदार किसानों को अपमान, आर्थिक नुकसान और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।

उन्होंने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा—
“यदि यह किसान विरोधी आदेश तत्काल प्रभाव से वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर आंदोलन करेगी।”
अंत में मोक्ष कुमार प्रधान ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी और इस अन्यायपूर्ण आदेश को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देगी।



