बसना(जीत यादव)।बसना विकासखंड में विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण को प्रमुख एजेंडा बनाया गया। इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र निर्माण, छात्रवृत्ति वितरण, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण तथा प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए परीक्षा से संबंधित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों के पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बसना विकासखंड के लगभग 30 से 35 अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक जानकारी को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बद्री विशाल जोल्हे एवं बीआरसीसी अनिल साव के मार्गदर्शन में समस्त अशासकीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक कार्यालय, बसना में संपन्न हुई।
31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश
बैठक की शुरुआत बीआरसीसी अनिल साव द्वारा स्वागत एवं परिचय के साथ की गई। उन्होंने कहा कि अपार आईडी विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि पालकों को अपार आईडी के लाभों की जानकारी दी जाए तथा आधार कार्ड में नाम या अन्य विवरण में त्रुटि होने की स्थिति में समय रहते सुधार कराने हेतु विद्यार्थियों को चॉइस सेंटर भेजा जाए।
इस अवसर पर बीईओ बद्री विशाल जोल्हे ने अपार आईडी की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम, शैक्षणिक प्रगति एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का संपूर्ण रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। इससे भविष्य में उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति एवं विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का लाभ लेने में विद्यार्थियों को आसानी होगी।

उन्होंने सभी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 दिसंबर तक प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी अनिवार्य रूप से तैयार कर ली जाए, ताकि किसी भी छात्र को शासकीय योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित न होना पड़े। बैठक के अंत में सभी प्राचार्यों ने समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।




