महासमुंद(जीत यादव)।स्कूल शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आज महासमुंद में जिला पंचायत सभागार में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जिलों के डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सचिव स्कूल शिक्षा विभाग श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी और समग्र शिक्षा की आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला भी बैठक में शामिल रहे।
अगले तीन वर्षों के लिए समग्र कार्ययोजना बनाने के निर्देश
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग का मूल कार्य अध्ययन-अध्यापन है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें
विद्यालयों की अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण,
शिक्षण वातावरण को बेहतर बनाना,
और शैक्षणिक गुणवत्ता में ठोस सुधार
जैसे बिंदुओं को प्रमुखता दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य – समयबद्धता पर कड़ा रुख
मंत्री यादव ने निर्देश दिया कि सभी शिक्षक व कर्मचारी ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें। समय पर उपस्थिति नहीं देने पर विभाग कड़ी निगरानी रख रहा है। उन्होंने कहा कि अनुशासन और समयपालन, शिक्षा गुणवत्ता सुधार का पहला और महत्वपूर्ण चरण है।
बीईओ और बीआरसी को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा डीईओ व बीईओ को निर्धारित दौरा चार्ट का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार पर जोर – 10वीं में 85% व 12वीं में 90% लक्ष्य
मंत्री ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि पिछले वर्ष के बोर्ड परीक्षा परिणामों की गहन समीक्षा की जाए।
उन्होंने कहा—
कक्षा 10वीं का परिणाम न्यूनतम 85%
कक्षा 12वीं का परिणाम 90%
लाने का लक्ष्य रखा जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लक्ष्य केवल उत्तीर्णता नहीं बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में सफल कराना है। मासिक परीक्षाओं को अनिवार्य बताते हुए इसकी निरंतर मॉनिटरिंग पर बल दिया गया।
सभी स्कूलों को एक सप्ताह के भीतर PM e-Vidya चैनल का नियमित अवलोकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
हिंदी, बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने पर बल
कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों को धारा-प्रवाह हिंदी पढ़ने में सक्षम बनाने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्तर पर
बेसिक गणित
अंग्रेजी दक्षता
सुधारने पर विशेष जोर दिया गया।
शिक्षकों को समुदाय और पालकों के साथ नियमित संवाद बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का त्वरित निपटान
मंत्री यादव ने सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिका व पासबुक का त्वरित संधारण सुनिश्चित करने और सेवानिवृत्ति के दिन ही भुगतान पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसे सभी बीईओ गंभीरता से लें।
अधोसंरचना, मॉडल स्कूल व पीएम श्री विद्यालयों की समीक्षा
भवनहीन विद्यालयों की अधोसंरचना से जुड़े कार्य जल्द पूर्ण करने और इस वर्ष मॉडल स्कूल चयन प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम श्री विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि इन्हें उत्कृष्ट स्कूलों के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
बच्चों की प्रतिभा की सराहना – आकर्षक मॉडल व प्रदर्शनी का अवलोकन
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने जिला पंचायत परिसर में लगाए गए विभिन्न शैक्षणिक स्टॉल और मॉडलों का निरीक्षण किया।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में सृजनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने अवलोकन किया—
महासमुंद की अटल टिंकरिंग लैब द्वारा तैयार स्मार्ट डैम सिंचाई मॉडल
बागबाहरा विकासखंड की एआई आधारित प्रदर्शनी
पिथौरा में काष्ठ कला व साबुन से निर्मित कलाकृति
बसना के छात्रों द्वारा जादुई पिटारा व जादुई गणित
सरायपाली द्वारा खेल-खेल में शिक्षा मॉडल
मंत्री ने सभी प्रदर्शनों की प्रशंसा कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।






