महासमुंद।औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 9 एम इंडिया लिमिटेड कंपनी में एक बार फिर श्रमिक शोषण का मामला सामने आया है। कंपनी प्रबंधन द्वारा श्रमिकों पर मनमानी नियम थोपने और हिटलरशाही तरीके से काम करवाने के आरोप लगे हैं। बुधवार सुबह श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर चंडी गेट में प्रदर्शन किया।
120 महिला श्रमिकों ने विधायक के समक्ष खोली आपबीती
शिकायत मिलने पर ग्राम बिरकोनी के सरपंच चंदन चंद्राकर श्रमिकों को लेकर स्थानीय विधायक के निवास पर पहुंचे, जहां 120 से अधिक महिला श्रमिकों ने अपनी समस्याएं सीधे विधायक के सामने रखीं।
महिला श्रमिकों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन—
आठ घंटे के नियम के बावजूद 10 घंटे जबरन काम करा रहा है।
HR सुजीत मिश्रा और मैनेजर टी.पी. पांडे द्वारा काम से निकालने की धमकी दी जाती है।
ओवरटाइम का भुगतान नहीं मिलता।
शासन द्वारा निर्धारित वेतन दर लागू नहीं की जा रही।
विधायक ने तुरंत श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए तथा
8 घंटे कार्य नियम
ओवरटाइम भुगतान
और वेतन सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में ट्रांसफर
सुनिश्चित किया जाए।
250 से अधिक महिलाएं कंपनी में कार्यरत
बिरकोनी सहित आसपास के गांवों और शहरों से करीब 250 महिलाएं 9 एम कंपनी में पैकिंग व हाउसकीपिंग कार्य करती हैं।
श्रमिकों के अनुसार रविवार सहित हर दिन काम कराया जा रहा है, जबकि वेतन मात्र 6000–7500 रुपये दिया जाता है, जो कि शासन द्वारा निर्धारित ₹11,750 मासिक वेतन से काफी कम है।
विधायक की फटकार के बाद प्रबंधन झुका
विधायक की कड़ी फटकार के बाद कंपनी प्रबंधन ने स्वीकार किया कि:
कंपनी मेन्यू में दिखाए गए वेतन और वास्तविक भुगतान में अंतर है।
आठ घंटे से अधिक काम लेना नियम विरुद्ध है।
उन्होंने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि आगे से शासन की गाइडलाइन के अनुसार वेतन और कार्य-समय का पालन किया जाएगा।
महिला श्रमिकों ने सौंपा ज्ञापन
नियमित आठ घंटे कार्य और शासन दर पर वेतन लागू करने की मांग को लेकर महिला श्रमिकों ने ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान
एसकुमारी, रानु, दुर्गा, गोपेश्वरी, सुलोचना, नेहा, कविता, दीप्ति, सरिता, सुमन, पायल, यमुना, मुस्कान, रागिनी, चंपा, उमा, लक्ष्मी, भारती, ट्विंकल, यामिनी, ममता, कलाबती, जानकी समेत कई श्रमिक उपस्थित थीं।



