कांग्रेस का आरोप— भाजपा आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है, पारदर्शिता बनाए रखी जाए
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रही मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया की समय सीमा तीन महीने बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस समय राज्य में धान खरीदी और कटाई-बिक्री का सीजन चल रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीण मतदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करना कठिन है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया कांग्रेस के मजबूत बूथों पर मतदाता सूची से नाम काटने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। पार्टी ने कहा कि यह “स्पेशल इंटेंशन रिव्यू” बन गई है, जिसे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस — पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग
राजीव भवन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की एसआईआर निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम, सह-संयोजक धनेन्द्र साहू और एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव मौजूद रहे।
नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करे कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो, ताकि किसी मतदाता का नाम अनुचित तरीके से न हटाया जाए।
धनेन्द्र साहू ने कहा — “दस्तावेज जमा करने के लिए दिया गया एक महीना बेहद कम है। इस वक्त किसान व्यस्त हैं, ऐसे में उन्हें समय मिलना चाहिए। चुनाव अभी तीन साल दूर हैं, तो इतनी जल्दबाजी क्यों?”
कांग्रेस के आरोप — आयोग और भाजपा की मिलीभगत
एआईसीसी सचिव देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा देशभर में निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “बिहार में भी इसी तरह से मतदाताओं के नाम काटे गए थे, अब वही स्थिति छत्तीसगढ़ में बनाई जा रही है।”
कांग्रेस ने सवाल उठाया — “अगर एसआईआर आयोग की प्रक्रिया है, तो उसके सवालों का जवाब भाजपा क्यों दे रही है?” पार्टी ने कहा कि आयोग को भाजपा से इस पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
SIR प्रक्रिया की निगरानी के लिए कांग्रेस ने बनाई समितियां
राजीव भवन में हुई वर्चुअल बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सचिन पायलट, दीपक बैज, भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव, डॉ. चरणदास महंत और अन्य नेताओं ने भाग लिया।
बैठक में निर्णय हुआ कि—
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जो राज्यभर में एसआईआर प्रक्रिया की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा।
जिला और विधानसभा स्तर पर निगरानी समितियां गठित की जाएंगी।
कांग्रेस के कार्यकर्ता और बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
आयोग ने हेल्प डेस्क और सुपरवाइजर किए नियुक्त
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जिले और तहसील स्तर पर मतदाता हेल्प डेस्क और आईटी डेस्क स्थापित की गई हैं। इन केंद्रों पर बीएलओ सुपरवाइजर मतदाताओं को नाम जोड़ने, संशोधन, विलोपन और EPIC (मतदाता पहचान पत्र) से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
जिला स्तर पर रौशनी (0771-2421812) और तहसील स्तर पर—
धरसींवा: भावेश वर्मा,
खरोरा: अनिमेश श्रीवास्तव,
तिल्दा: दिनेश कुमार डहरिया,
मंदिर हसौद: ओमप्रकाश देवांगन,
आरंग: महेंद्र वर्मा,
रायपुर: हेमंत भतपहरी,
अभनपुर: नंदकुमार साहू,
गोबरा नवापारा: अक्ष चंद्राकर
को सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस ने कहा कि SIR प्रक्रिया आयोग का कार्य है, किसी दल का नहीं। आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी नागरिक का नाम बिना ठोस कारण सूची से न हटाया जाए, क्योंकि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।




