नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में एक बार फिर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले की सीमा पर स्थित अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम और नक्सलियों के बीच गोलीबारी हो रही है। इस एनकाउंटर में अब तक 5 से 6 नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई है।
DRG की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम नक्सल प्रभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इस दौरान ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई नक्सलियों को मार गिराया गया।दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उनका कहना है कि फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
लगातार नक्सल विरोधी अभियान
गौरतलब है कि बीते दिनों नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है।उस समय गढ़चिरौली पुलिस की सी-60 कमांडो टीम ने ऑपरेशन चलाया था। घटना गढ़चिरौली जिले के कोपरशी गांव के पास हुई थी।जांच के दौरान पुलिस ने वहां से नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया था। यह इलाका नारायणपुर और गढ़चिरौली की सीमा से सटा हुआ है, जहाँ नक्सली अक्सर छिपकर वारदातों को अंजाम देते हैं।
खुफिया इनपुट पर कार्रवाई
सूत्र बताते हैं कि सुरक्षाबलों को खुफिया तंत्र से नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर DRG की संयुक्त टीम जंगल में सर्चिंग के लिए पहुँची। तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई नक्सलियों को ढेर कर दिया।
अभी भी जारी है मुठभेड़
अबूझमाड़ का इलाका बेहद दुर्गम और घने जंगलों से घिरा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहाँ रुक-रुककर अभी भी फायरिंग हो रही है। सुरक्षाबल स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं। अतिरिक्त बल भी इलाके में रवाना कर दिया गया है।
लगातार दबाव में नक्सली संगठन
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में बस्तर और महाराष्ट्र सीमा पर लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली संगठन दबाव में हैं। बड़ी संख्या में कैडर मारे जा रहे हैं और हथियार भी बरामद हो रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि आने वाले दिनों में नक्सली संगठन की पकड़ और कमजोर होगी।






