बसना(जीतयादव)। सिरको में महापुरुष संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक अनुशासन के साथ भव्य रूप से मनाई गई। जयंती समारोह में समाजजनों के साथ ग्राम के जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिससे पूरा आयोजन सामाजिक एकता और समरसता का जीवंत उदाहरण बन गया।
बाबा गुरु घासीदास जी ने दिया सत्य, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा गुरु घासीदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं उनके विचारों के स्मरण के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ग्राम सरपंच श्री फगूलाल नेताम ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समाज को “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश दिया, जो आज भी सामाजिक भेदभाव, असमानता और वैमनस्य को समाप्त करने की दिशा में मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, प्रेम और मानव समानता के सिद्धांतों पर चलकर ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।

सरपंच श्री नेताम ने समस्त ग्रामवासियों को गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारा, सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से बाबा जी के विचारों को आत्मसात कर समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील भी की।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत के पंचगण, सतनामी समाज के वरिष्ठ सदस्य, युवा वर्ग एवं महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सतनामी समाज के वरिष्ठ सदस्य श्री संतलाल बघेल ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, ग्रामवासियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता, संस्कार और एकता को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ किया गया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण बना रहा। जयंती समारोह के माध्यम से बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों, आदर्शों और मानवतावादी संदेशों का व्यापक प्रसार हुआ, जिससे ग्राम सिरको में सामाजिक सद्भाव और एकता की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई।




