सरायपाली(जीतयादव)।सिम पोर्टिंग के माध्यम से साइबर फ्रॉड का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल धारक की जानकारी बिना उसके सिम को दूसरी कंपनी में पोर्ट कर बैंक खाते से रकम निकालने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने इस मामले में पीओएस संचालक और मास्टरमाइंड सिम डिस्ट्रीब्यूटर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जियो सिम को धोखे से आईडिया में पोर्ट कर बैंक खाते से रकम उड़ाने की थी साजिश।
पीड़ित लेब केमिस्ट लव कुमार मानिकपुरी, निवासी मेढापाली, ने दिनांक 18 जनवरी 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि जब उन्होंने अपने जियो सिम नंबर से कॉल करने का प्रयास किया तो सिम अचानक डि-एक्टिवेट बताया गया। तत्काल कस्टमर केयर से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि उनका नंबर आईडिया कंपनी में पोर्ट हो चुका है।

संदेह होने पर पीड़ित ने भंवरपुर स्थित अंकित मोबाइल शॉप के संचालक अंकित अग्रवाल से पूछताछ की, जहां से पता चला कि उक्त नंबर सागरपाली स्थित जय दुर्गा मोबाइल शॉप से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर एलॉट किया गया है। आगे जांच करने पर खुलासा हुआ कि आरोपी गोविन्दराम खुटे ने यूपीसी नंबर का दुरुपयोग कर पीड़ित का नंबर अपने नाम पर पोर्ट करा लिया था।
पीड़ित द्वारा पुलिस में शिकायत की बात कहने पर गोविन्दराम ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उसने मास्टरमाइंड सिम डिस्ट्रीब्यूटर अंकित अग्रवाल के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा था, ताकि मोबाइल नंबर पोर्ट कर पीड़ित के लिंक्ड बैंक खाते से रकम निकाली जा सके।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपराध क्रमांक 46/26, धारा 318(4), 62ए, 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह मामला फ्रॉड को लेकर आम जनता के लिए एक चेतावनी है कि मोबाइल से जुड़ी किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत सतर्क होकर संबंधित विभाग और पुलिस से संपर्क करें।




