बसना(जीतयादव)। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसना में सावन मास के पावन अवसर पर पारंपरिक सावन झूला उत्सव हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यालय की समस्त दीदियों एवं बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
सावन गीतों और लोक परंपराओं के बीच शिशु मंदिर बसना में दीदियों एवं बहनों ने मनाया उत्सव।
सावन की परंपरा और लोक संस्कृति को जीवंत करने के लिए झूले को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार्यक्रम के दौरान दीदियों एवं बहनों ने सावन के पारंपरिक गीतों और लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच झूला झूलकर उत्सव का आनंद लिया। गीत-संगीत और सावन की हरियाली से विद्यालय परिसर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।

इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ी विभिन्न झलकियां भी देखने को मिलीं। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति, लोकगीतों और उत्सवों से जोड़ना तथा इनके प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा।
उत्सव के दौरान सभी ने मिल-जुलकर कार्यक्रम का आनंद लिया और आपसी स्नेह, सौहार्द एवं पारिवारिक भावना का परिचय दिया। सावन के गीतों और झूले के साथ आयोजित यह कार्यक्रम विद्यालय परिवार के लिए खुशी और सांस्कृतिक चेतना से भरा यादगार अवसर बन गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्राचार्य धनुर्जय साहू सहित विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। प्राचार्य धनुर्जय साहू ने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को अपनी संस्कृति एवं लोक परंपराओं से जोड़ने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने सभी को सावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।


