सरायपाली(जीतयादव)।शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केदुवां में विकसित की गई पोषण वाटिका (किचन गार्डन) विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य और व्यवहारिक शिक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संतुलित और स्वस्थ भोजन की आदतें विकसित करना तथा उन्हें प्रकृति के करीब लाना है।

पोषण वाटिका से बच्चों को मिल रहा ताज़ा, स्वच्छ और पौष्टिक मध्यान्ह भोजन।
विद्यालय परिसर में तैयार की गई पोषण वाटिका में विभिन्न मौसमी सब्ज़ियाँ उगाई जा रही हैं, जिनका उपयोग नियमित रूप से विद्यालय के मध्यान्ह भोजन में किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को ताज़ा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिल रहा है, साथ ही उन्हें यह भी समझ में आ रहा है कि घर या विद्यालय में उगाई गई सब्ज़ियाँ स्वास्थ्य के लिए कितनी लाभकारी होती हैं।

इस गतिविधि के माध्यम से छात्र-छात्राएं केवल किताबों तक सीमित न रहकर पौधारोपण, सिंचाई, देखभाल और जैविक खेती का व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर रहे हैं। बच्चे स्वयं पौधों की देखभाल में भाग लेते हैं, जिससे उनमें श्रम के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और टीम भावना का विकास हो रहा है।

पोषण वाटिका ने विद्यालय परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना जागृत हो रही है और वे प्रकृति के महत्व को समझ पा रहे हैं।

शिक्षा विभाग के मीडिया प्रभारी दुर्वादल दीप ने जानकारी देते हुए बताया कि पोषण वाटिका जैसी पहलें न केवल विद्यार्थियों के शारीरिक विकास में सहायक हैं, बल्कि उनके मानसिक और नैतिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं। यह प्रयास निश्चित रूप से अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।



