महासमुंद। राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी और कार्यों में लापरवाही के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कार्रवाई के तहत पांच पटवारियों को निलंबित किया गया है। वहीं, डिजिटल फसल सर्वे की धीमी प्रगति को लेकर भी प्रशासन ने नाराजगी जताई है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 527 गांवों में सर्वे अधूरा है, जबकि 13 गांवों में काम शुरू नहीं हो पाया है।
महासमुंद में राजस्व विभाग की कार्रवाई, पांच पटवारी निलंबित; 527 गांवों में सर्वे अधूरा।
निलंबित पटवारियों में उदय प्रकाश राजपूत तहसील बसना, जितेंद्र सिंह बाघ तहसील सरायपाली, हरीश चंद्राकर तहसील महासमुंद, तथा कंचन साहू और लुकेश यादव दोनों तहसील बागबाहरा में पदस्थ बताए गए हैं।
डिजिटल फसल सर्वे का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सर्वे के माध्यम से किसानों के खेतों में बोई गई फसलों का विवरण दर्ज किया जाता है, जो कृषि संबंधी योजनाओं और सरकारी रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण है।
समाचार रिपोर्ट में सरकारी जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज किए जाने संबंधी गड़बड़ी का भी उल्लेख है। राजस्व रिकॉर्ड में इस तरह की अनियमितता और निर्धारित कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई है।
प्रशासन की ओर से लंबित कार्यों को पूरा करने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त रखने पर जोर दिया जा रहा है। अब संबंधित क्षेत्रों में सर्वे की प्रगति और राजस्व संबंधी शिकायतों के निराकरण पर नजर रहेगी।


