महासमुंद।जिले में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया, जिसमें न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित एवं आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई। लोक अदालत के माध्यम से कुल 63,247 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें 8 करोड़ 05 लाख 76 हजार 975 रुपये का अवार्ड पारित किया गया।

नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय महासमुंद के साथ-साथ तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना एवं बागबाहरा स्थित सिविल न्यायालय, श्रम न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों में किया गया। इसके लिए जिलेभर में 27 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिनमें विभिन्न प्रकार के प्रकरणों की सुनवाई की गई।

लोक अदालत में श्रम विवाद, बैंक रिकवरी, विद्युत देयक एवं बकाया वसूली, राजीनामा योग्य सिविल एवं दांडिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT), पराक्रम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 से संबंधित प्रकरण, विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (क) के तहत विद्युत चोरी एवं बकाया से जुड़े मामले, साथ ही राजस्व न्यायालयों के प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गए थे।

जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43,584 मामलों का निराकरण किया गया। इस प्रकार सुलह-समझौते के आधार पर कुल 63,247 प्रकरणों का निपटारा कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया गया।
प्री-लिटिगेशन मामलों में हुआ बड़ा निपटारा
बैंक रिकवरी के 3,837 मामलों में 18 लाख 572 रुपये
विद्युत विभाग के 12,289 मामलों में 70 लाख 62 हजार 005 रुपये
श्रम विवाद के 17 मामलों में 15 लाख 70 हजार 700 रुपये
एमएसीटी के 39 मामलों में 3 करोड़ 87 लाख 15 हजार रुपये
एनआई एक्ट धारा 138 के 36 मामलों में 1 करोड़ 19 लाख 10 हजार 825 रुपये
32 अन्य सिविल मामलों में 1 करोड़ 85 लाख 19 हजार 273 रुपये का अवार्ड पारित किया गया।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्चीला न्याय प्राप्त हुआ। प्रशासन एवं न्यायिक अधिकारियों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।




