रायपुर(जीतयादव)। छत्तीसगढ़ में बेटियों के सम्मान ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’, ग्रामीण विकास और रोजगार को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’, जल संरक्षण और रोजगार को गति देने के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए बेटियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य से अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनकी शिक्षा में आने वाली बाधाएं कम होंगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सह मुक्तिधाम का निर्माण भी किया जाएगा। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 10,027 निष्क्रिय (डिफंक्ट) बोरवेलों में रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे, जिससे भूजल स्तर सुधारने और जल संकट कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा प्रदेश के समग्र विकास को नई गति देगा।


