बसना(जीत यादव)।गुरु घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने गुरु घासीदास जी के जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें मानवता का महान पथप्रदर्शक बताया।

मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि गुरु घासीदास जी केवल एक संत नहीं थे, बल्कि वे समाज को नई दिशा देने वाले युगपुरुष और महान समाज सुधारक थे। उन्होंने अपने विचारों और कर्मों से समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई और लोगों को सत्य, अहिंसा एवं समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे।
गुरु घासीदास समाज सुधार के महान मार्गदर्शक थे
उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी ने अपने पूरे जीवनकाल में ऊँच-नीच, छुआछूत, जातिगत भेदभाव और अंधविश्वास जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने मानवता और समानता का संदेश देते हुए समाज को जागरूक किया। गुरु जी का अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज भी सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता का सशक्त प्रतीक है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आगे बताया कि गुरु घासीदास जी द्वारा स्थापित सतनाम पंथ ने लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। सतनाम पंथ के माध्यम से उन्होंने एक ऐसे समाज की कल्पना प्रस्तुत की, जहाँ सभी को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त हों। गुरु जी का जीवन सादगी, सेवा, त्याग और परोपकार का अनुपम उदाहरण है, जिससे आज की पीढ़ी को भी सीख लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज विभिन्न प्रकार की सामाजिक और नैतिक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब गुरु घासीदास जी के विचार और आदर्श हमें सही मार्ग दिखाते हैं। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही एक सशक्त, समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
अंत में मोक्ष कुमार प्रधान ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक एकता, भाईचारे तथा मानवता की भावना को मजबूत करने में अपना योगदान दें। उन्होंने गुरु घासीदास जी की जयंती को सामाजिक सद्भाव और जागरूकता के पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया।



