महासमुंद। दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में सघन जांच की जा रही है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर दीपावली से पहले सघन जांच अभियान जारी।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 तक कुल 216 खाद्य नमूनों की जांच की गई। मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में अब तक 16 लाख 90 हजार 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, अक्टूबर माह में पनीर, दही, मिठाई और खाद्य तेल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के 26 नए नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य विभाग के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए मामलों में 11 प्रकरणों में केस दर्ज किए गए हैं। कुछ नमूने असुरक्षित और नकली पाए जाने की जानकारी भी दी गई है। त्योहार के दौरान मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के कारण विभाग दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर विशेष निगरानी रख रहा है।
खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानों और प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखें, खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण करें, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग करें और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
दीपावली में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ विश्वसनीय दुकानों और प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। पैकेटबंद उत्पाद लेते समय निर्माण एवं समाप्ति तिथि, सामग्री का विवरण और अन्य आवश्यक लेबल जानकारी जरूर जांचें। मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर भी सतर्क रहें।
दीपावली के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग का जांच अभियान जारी रहेगा।


