बसना(जीतयादव)। बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत बिछिया के आश्रित गांव पोटापारा में जर्जर स्कूल भवन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। गुरुवार को ग्रामीणों ने स्कूल भवन की खराब स्थिति के विरोध में स्कूल पर ताला जड़ दिया और नए भवन के निर्माण की मांग करते हुए बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया।
पोटापारा में नए स्कूल भवन की मांग तेज, ग्रामीण बोले— सुरक्षित भवन बने बिना नहीं भेजेंगे बच्चे।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिधर पटेल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से नए स्कूल भवन की मांग की जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि तीन वर्षों से लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष समस्या रखी जा रही है, फिर भी समाधान नहीं हो सका है।
मामले की जानकारी मिलने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बद्रीप्रसाद जोल्हे और बीआरसी अनिल साव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थायी रूप से आंगनबाड़ी भवन में कक्षाएं संचालित करने का सुझाव दिया। हालांकि ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
पंचायत प्रतिनिधि पोटापारा भारतिको सिदार ने कहा कि आंगनबाड़ी भवन में पहले से छोटे बच्चों की गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में वहां स्कूल की कक्षाएं लगाने से दोनों व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी। ग्रामीणों का मानना है कि अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी समाधान के रूप में नए भवन का निर्माण कराया जाना चाहिए।
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पोटापारा के ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक नए स्कूल भवन की स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और किसी भी कीमत पर उनकी जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।
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गांव में स्कूल भवन की स्थिति को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्कूल आज भी बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित भवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


