बसना(जीतयादव)। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल में विशेष “आकाश दर्शन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा बसना के तत्वावधान में यह कार्यक्रम विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे, विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक अनिल सिंह साव, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोकेश्वर सिंह कंवर के मार्गदर्शन तथा सेजेस बसना के भौतिकी व्याख्याता अजय कुमार भोई और विज्ञान शिक्षक प्रेमचन्द साव के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
अरेकेल में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ‘आकाश दर्शन’ का विशेष आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा, उसके क्रेटर, शुक्र ग्रह, बृहस्पति ग्रह, ध्रुव तारा, साइरस तारा, सप्तर्षि सहित विभिन्न ग्रह-उपग्रह और तारामंडल का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया। खुले आसमान के नीचे ग्रह-नक्षत्रों को देखना बच्चों के लिए अत्यंत रोमांचक और प्रेरणादायक अनुभव रहा।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शहरों की रोशनी में अक्सर हम आकाश के अद्भुत दृश्यों से वंचित रह जाते हैं, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार का आयोजन सराहनीय है।

डॉ. सी.वी. रमन् बाल विज्ञान परिषद् अरेकेल के संयोजक व विज्ञान शिक्षक प्रेमचन्द साव ने चंद्रमा की कलाएं, गुरुत्वाकर्षण, उल्कापिंडों से बने क्रेटर सहित कई रोचक वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी। वहीं अनिल सिंह साव ने भारत के गौरव चंद्रयान मिशन पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को प्रेरित किया।

सेजेस बसना के व्याख्याता अजय कुमार भोई ने बृहस्पति ग्रह, गैसीय दानव, ग्रेट रेड स्पॉट, सूर्यग्रहण-चंद्रग्रहण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर प्रधान पाठक हीराधर साव, व्याख्याता लक्ष्मण पटेल, संकुल समन्वयक वारिश कुमार, एफएलएन नोडल शरण कुमार दास सहित अनेक शिक्षक, छात्र-छात्राएं, पूर्व छात्र और ग्रामवासी उपस्थित रहे।आकाश दर्शन कार्यक्रम ने बच्चों और ग्रामीणों में विज्ञान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया।




