महासमुंद। कावेरी सीड्स कंपनी से बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों ने महासमुंद जिले के बेलसोंडा में नेशनल हाईवे-353 पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया है। किसान कंपनी से करीब 6.11 करोड़ रुपये के भुगतान की मांग कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कई महीनों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं और आंदोलन स्थल पर ही किसानों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
दीपावली के बीच कावेरी सीड्स कंपनी से बकाया भुगतान नहीं मिलने पर नाराज किसान बेलसोंडा में NH-353 पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम पर बैठे।
किसान कावेरी सीड्स कंपनी के रायपुर स्थित कार्यालय का घेराव करने और अपनी मांग रखने के लिए निकले थे। इसी दौरान पुलिस ने किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर और भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही को हिरासत में लेकर खल्लारी पहुंचाया। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में किसान बेलसोंडा पहुंचे और हाईवे पर धरने पर बैठ गए।
भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सात जिलों के 176 किसानों का 4 करोड़ 62 लाख 29 हजार 866 रुपये बकाया है। इनमें महासमुंद जिले के 85 किसान शामिल हैं। इसके अलावा खेतों में काम करने वाले मजदूरों की 7 लाख 89 हजार 500 रुपये मजदूरी भी बकाया बताई गई है।
किसान संगठन का दावा है कि किसानों और मजदूरों की कुल मूल बकाया राशि 4 करोड़ 70 लाख 19 हजार 366 रुपये है। संगठन के अनुसार, जुलाई 2025 से अक्टूबर 2026 तक 15 महीने का दो प्रतिशत मासिक ब्याज जोड़ने पर यह रकम बढ़कर करीब 6 करोड़ 11 लाख 25 हजार 175 रुपये हो जाती है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने आरोप लगाया कि कावेरी सीड्स कंपनी ने बीज उत्पादन के काम के लिए स्थानीय स्तर पर मुंशी नियुक्त किए थे। उनके अनुसार, छह मुंशियों को कथित समझौते के तहत तीन महीने का भुगतान करते हुए कुल 1 लाख 80 हजार रुपये दिए गए।
किसानों का कहना है कि वे जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं। किसान नेताओं के मुताबिक, 20 फरवरी 2026 को भी किसानों को भुगतान का आश्वासन देकर बेलसोंडा के पास रोका गया था, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई।


