बसना। सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना में आयोजित तीन दिवसीय प्रांतीय विज्ञान मेला उत्साह और वैज्ञानिक गतिविधियों के साथ संपन्न हुआ। 3 से 5 अक्टूबर 2026 तक चले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ प्रांत के 9 विभागों से करीब 350 भैया-बहनों और 30 आचार्य-दीदी ने सहभागिता की।
9 विभागों के विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रयोग, प्रश्नमंच, प्रदर्श और पत्रवाचन में लिया हिस्सा; शिशु मंदिर बसना में वैज्ञानिक सोच के साथ भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर।
विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रयोग, विज्ञान पत्रवाचन, विज्ञान प्रश्नमंच, विज्ञान प्रदर्श और आचार्य पत्रवाचन जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अंशिका साहू और मुस्कान देवांगन ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि अंशिका साहू के देशभक्ति गीत ने वातावरण को राष्ट्रभावना से भर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लक्ष्मण राव मगर, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अमृत लाल पटेल, विशेष अतिथि सरिता साहू एवं डॉ. भारती अग्रवाल उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य धनुर्जय साहू ने निर्णायकों का श्रीफल एवं तिलक-चंदन से स्वागत किया।
मुख्य अतिथि लक्ष्मण राव मगर ने कहा कि विज्ञान जीवन के हर क्षेत्र में मौजूद है और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रभावना का भी पोषण होना चाहिए। विद्यार्थियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान खोजने और नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अमृत लाल पटेल ने प्राचीन भारत की ज्ञान-विज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए आर्यभट्ट, नालंदा और तक्षशिला जैसे उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में विकसित हो रही जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच ही भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करेगी।
डॉ. भारती अग्रवाल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें योजना बनाकर साकार करने के लिए प्रेरित किया। वहीं राधाकान्त कर, कमल अग्रवाल और डॉ. आरती साव ने भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रयोग आधारित शिक्षा, एकाग्रता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विचार रखे।
मेले का संचालन राजेन्द्र साहू, धनुर्जय साहू, मुरलीधर साहू, दीनदयाल साहू, धनऊराम पटेल एवं दीपक देवांगन के मार्गदर्शन में हुआ। शिशु मंदिर बसना विद्यालय समिति के पदाधिकारियों और प्राचार्य धनुर्जय साहू की देखरेख में तीन दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


