महासमुंद। राजधानी रायपुर से लगे आरंग थाना क्षेत्र में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। ग्राम बनचरौदा के पास मिले शिक्षक के रक्तरंजित शव की जांच में पुलिस के अनुसार हत्या की वजह रेत सप्लाई, रियल एस्टेट और बुलियन ट्रेडिंग से जुड़े करीब 30 लाख रुपये की उधारी तथा तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने का विवाद सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
सफेद स्कूटी और VSK ऐप की तकनीकी जांच से खुला राज, बनचरौदा में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या का आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
17 सितंबर 2026 को ग्राम बनचरौदा के सुनसान इलाके में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पर आरंग पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा, रायपुर निवासी शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर (46) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, मृतक के सिर और चेहरे पर धारदार एवं कठोर हथियार से कई गंभीर वार के निशान मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर सेल को जांच में लगाया गया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया तथा अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। ग्रामीणों और एक चरवाहे से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि घटना वाले दिन शिवकुमार को आखिरी बार चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK (विद्या समीक्षा केंद्र) ऐप की लॉग रिपोर्ट की जांच की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे स्कूल पहुंचा था। इसके बाद मोबाइल की लोकेशन बंद कर निजी काम का बहाना बनाकर वहां से निकल गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया और आरोपी दोपहर करीब 12:50 बजे स्कूल वापस लौटा। उसने अपना मोबाइल घर पर छूटने की बात कहकर दूसरे शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जांच से आरोपी की भूमिका सामने आई।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह और शिवकुमार पिछले करीब चार वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों रेत सप्लाई, रियल एस्टेट और सोना-चांदी के भाव में ट्रेडिंग का काम भी करते थे। आरोपी के अनुसार, उसने मृतक को करीब 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके एवज में शिवकुमार ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे।
पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने के कारण दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। आरोपी ने आरोप लगाया कि पैसे मांगने पर शिवकुमार उसके साथ गाली-गलौज करता था और जान से मारने की धमकी देता था। पुलिस मामले में सामने आए वित्तीय लेन-देन और आरोपी के बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास आरोपी और मृतक की मुलाकात हुई। पैसों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद वे बनचरौदा के सुनसान इलाके की ओर चले गए। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वहां विवाद बढ़ने पर उसने स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे वार किया।
पुलिस के अनुसार, शिवकुमार के गिरने के बाद आरोपी ने हथौड़े से उसके सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों और जब्त किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना जारी रखी है।
आरंग पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक द्वारा दिए गए तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े, जूते और मोजे जब्त किए हैं। इन सभी साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
आरोपी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरंग पुलिस के अनुसार, मामले में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की विवेचना जारी है। पुलिस जांच के आधार पर हत्याकांड से संबंधित शेष तथ्यों को भी स्पष्ट किया जा रहा है।


