बसना। शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में बच्चों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नशा मुक्ति भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के तहत नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का आयोजन, बच्चों को नशे के दुष्परिणामों की दी गई जानकारी।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी एवं रुबी दास ने बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में सरल तरीके से समझाया। बच्चों की उम्र को ध्यान में रखते हुए कहानी और रोचक उदाहरणों के माध्यम से बताया गया कि नशे की आदत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
बच्चों को अच्छे संस्कार, ईमानदारी, सच्चाई और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अच्छी आदतों को अपनाना, नियमित पढ़ाई करना, खेलकूद में हिस्सा लेना और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में भाग लिया और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर शिक्षक लगन नाग, शिक्षिका खीरवंती भोई सहित गढ़पटनी विद्यालय के सभी बच्चों ने नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ ली।
कार्यक्रम के अंत में शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी के प्रधान पाठक सरविन्द सिदार ने ब्रह्माकुमारी प्रीति दीदी एवं रुबी दास का विद्यालय परिवार की ओर से आभार जताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। आज के बच्चे ही भविष्य के समाज और देश की नींव हैं। यदि बच्चे स्वस्थ, संस्कारित और जागरूक होंगे तो एक मजबूत और विकसित समाज का निर्माण किया जा सकेगा।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के नशामुक्ति संकल्प और जन-जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।


