बसना(जीतयादव)। स्वतंत्रता दिवस से पहले बसना अंचल में रविवार को राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखने को मिला। भाजपा किसान मोर्चा महासमुंद के तत्वावधान में बसना कृषि उपज मंडी प्रांगण से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टरों और बाइक पर सवार कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए।
बसना में किसान मोर्चा की तिरंगा यात्रा में शामिल हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल, भारत माता और वंदे मातरम् के जयघोष से गूंजा शहर।
कार्यक्रम में बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तिरंगा यात्रा की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना कर यात्रा को रवाना किया गया।

तिरंगा यात्रा बसना शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और बाजार क्षेत्रों से होकर गुजरी। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल नजर आया।
यात्रा के बाद कृषि उपज मंडी प्रांगण में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा केवल तीन रंगों से बना ध्वज नहीं है, बल्कि यह देशवासियों के स्वाभिमान, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और भारतीय जवानों के शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है।
विधायक ने कहा कि ट्रैक्टरों पर निकली तिरंगा यात्रा यह संदेश देती है कि किसान केवल देश के अन्नदाता ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान और गौरव के प्रहरी भी हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और आने वाली पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास तथा स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ने का काम करते हैं।
तिरंगा यात्रा में भाजपा किसान मोर्चा जिला प्रभारी कैलाश पंडा, वरिष्ठ भाजपा नेता ओमप्रकाश चौधरी, जिला महामंत्री जितेंद्र त्रिपाठी, एनके अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष खुशबू अग्रवाल और कृष्ण कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी शामिल हुए।
स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस तिरंगा यात्रा ने बसना क्षेत्र में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों के बीच निकली यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।


