बसना(जीतयादव)। ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए बनाई गई सरकारी नल-जल योजना को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भंवरपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर टीम की सक्रियता से चोरी की इस वारदात का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है।
भंवरपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नल-जल योजना में हुई चोरी का खुलासा, 8 आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे।
पुलिस के अनुसार, ग्राम ललितपुर में नल-जल योजना के तहत पानी टंकी निर्माण और पाइप फिटिंग का कार्य चल रहा था। इस दौरान 8 और 9 मई 2026 की मध्यरात्रि अज्ञात लोगों ने टंकी में लगे लोहे के पाइप और गेट वॉल्व चोरी कर लिए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 90 हजार रुपये बताई गई।
मामले की शिकायत सुनील अग्रवाल द्वारा चौकी भंवरपुर में दर्ज कराई गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना वाली रात कुछ युवकों ने पानी टंकी के पास रहने वाले एक व्यक्ति से पाना-पेंचिस मांगा था। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में टिकेलाल दीवान, किशोर कुमार निषाद, किशन निषाद, जयकुमार निषाद, राजू यादव और पीयूष दीवान ने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने नल-जल योजना में लगे लोहे के पाइप चोरी कर उन्हें तोड़ दिया और कबाड़ के रूप में बेच दिया।
पुलिस ने आगे की जांच में सागरपाली निवासी गणपत मिर्धा और खगेश मिर्धा के पास से चोरी किए गए पाइपों के टुकड़े बरामद किए। आरोपियों की निशानदेही पर नल-जल योजना में उपयोग होने वाले चार लोहे के पाइप जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।



