दंतेवाड़ा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत चयनित सुपोषण दूतों और महिला स्व सहायता समूहों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना है।
दंतेवाड़ा में सुपोषण दूतों और महिला स्व सहायता समूहों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।
जिला स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुपोषण दूत और महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएं शामिल हुईं। कार्यक्रम के प्रथम दिवस में डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर के मार्गदर्शन में राज्य स्तर से आए विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अभियान के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि कुपोषण से लड़ने के लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने पोषण संबंधी व्यवहार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार और आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रभावी उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किस प्रकार लोगों को जागरूक कर कुपोषण को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के संचालन में पर्यवेक्षकों और सीडीपीओ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।प्रतिभागियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अपने अनुभव साझा किए और पोषण से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे।अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है, ताकि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।



