बसना(रूपानंद साव) सेमलिया से बैगनडीह होते हुए राष्ट्रीय राज्य मार्ग तक बनी नई डामरीकरण सड़क इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास योजना के तहत निर्मित इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों, छात्रों और राहगीरों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण के कुछ ही महीनों में उखड़ी डामरीकरण सड़क, बरसात से पहले मरम्मत नहीं हुई तो बढ़ सकता है हादसे का खतरा।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश समाप्त होने के बाद अक्टूबर-नवंबर 2025 तक सड़क की मरम्मत होने की उम्मीद थी, लेकिन मार्च 2026 तक भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोप है कि निर्माणकर्ता ठेकेदार की उदासीनता के कारण सड़क की समय पर मरम्मत नहीं की गई, जिससे समस्या और बढ़ती गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार डामरीकरण सड़क निर्माण के तीन माह के भीतर ही डामर उखड़ने लगा था और कई स्थानों पर सड़क धंस गई थी। उस समय ठेकेदार के कर्मचारियों ने बड़े गड्ढों को सीमेंट-मसाले से भर दिया था, लेकिन अब वह भी उखड़ चुका है। पूरे मार्ग में गिट्टियां बाहर आ गई हैं और सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि बरसात से पहले सड़क की समुचित मरम्मत नहीं हुई, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराने की बात भी सामने आई है।

समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण या ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। नई बनी सड़क की वर्तमान स्थिति स्वयं उसकी गुणवत्ता और देखरेख पर सवाल खड़े कर रही है।




