महासमुंद। जिले के कांग्रेस भवन, महासमुंद में मंगलवार को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान’ को लेकर एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माननीय डॉ. चरणदास महंत ने भाजपा सरकार की नीतियों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश कर रही है।

डॉ. महंत ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि गरीब परिवारों की जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार नए कानून “विकसित भारत–जी राम जी विधेयक 2025” के माध्यम से मनरेगा को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो पूरी तरह जनविरोधी और मजदूर विरोधी है।
इस पत्रकार वार्ता में सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद, बसना के पूर्व विधायक एवं फुलझर स्टेट के राजा श्री देवेंद्र बहादुर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ग्राम सिरबोडा से अभियान का शुभारंभ
इसी क्रम में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का औपचारिक शुभारंभ सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरबोडा से किया गया। विधायक चातुरी नंद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के तहत
रोजगार की गारंटी को कमजोर किया गया है
समय पर भुगतान की व्यवस्था प्रभावित हुई है
तकनीकी शर्तों के नाम पर मजदूरों को परेशान किया जा रहा है
उन्होंने बताया कि पहले केंद्र और राज्य की भागीदारी 90:10 थी, जिसे घटाकर 60:40 कर दिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और मनरेगा और अधिक कमजोर हो जाएगी।
गांव-गांव तक पहुंचेगा आंदोलन
विधायक चातुरी नंद ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप,रोजगार की गारंटी,समय पर भुगतान और श्रमिक हितैषी नियमों की बहाली के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी।‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को गांव-गांव तक ले जाकर मजदूरों की आवाज़ को हर मंच पर बुलंद किया जाएगा।

इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुर्गा सागर, नितिन बेनर्जी, रूपानंद पटेल, सरिता प्रधान, दीपक साहू, सरपंच नीलांचल भोई, गोकुल भोई सहित अनेक कांग्रेसजन मौजूद रहे।





