महासमुंद(जीतयादव)। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पुलिस महासमुंद द्वारा “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026” का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंशा के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य “सड़क सुरक्षा से जीवन रक्षा” की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों ने दिखाई हेलमेट रैली को हरी झंडी
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर शहीद सहायक उप निरीक्षक स्व. विवेकानंद त्रिपाठी की पुत्री जागृति त्रिपाठी, शहीद आरक्षक स्व. प्रमोद पटेल की धर्मपत्नी श्रीमती किरण पटेल एवं शहीद आरक्षक स्व. गौतम पाण्डेय की पुत्री मीनाक्षी पाण्डेय के करकमलों से विशाल हेलमेट रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्री प्रभात कुमार पटेल ने स्वयं हेलमेट रैली की अगुवाई करते हुए सुरक्षित यातायात का संदेश दिया। रैली पुलिस कंट्रोल रूम महासमुंद से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुलिस कार्यालय में संपन्न हुई। पुलिस जवानों द्वारा हेलमेट पहनकर निकाली गई इस रैली ने आम नागरिकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार पटेल ने कहा कि यातायात नियमों का पालन किसी मजबूरी के कारण नहीं, बल्कि स्वयं एवं दूसरों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील की। उन्होंने तेज रफ्तार को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए युवाओं से संयमित एवं सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। व्यावसायिक चालकों के लिए निशुल्क नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में यातायात कार्यशालाएं, विशेष ड्राइविंग लाइसेंस शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर जिला पुलिस, यातायात विभाग, परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आम नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और नियमों का पालन ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है।



