महासमुंद(जीतयादव)।जल संरक्षण एवं जल संवर्धन (आजीविका संवर्धन डबरी) कार्यों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला पंचायत महासमुंद द्वारा ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं जागरूक नागरिकों को राष्ट्रीय प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (NRM) से जुड़े कार्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में आयोजित किया जा रहा है।
आजीविका संवर्धन डबरी के प्रशासकीय स्वीकृति आदेश हितग्राहियों को सौंपे गए
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत महासमुंद श्री हेमंत नंदनवार की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाली कुल 551 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पांच चरणों में क्रमवार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रथम चरण के तहत आज महासमुंद जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले 105 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्यों की महत्ता को विस्तार से रेखांकित करते हुए भविष्य में संभावित जल संकट से निपटने के लिए अभी से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
एन.आर.एम. के कार्यों का सरपंचों को दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ कराने हेतु सरपंचों को प्रेरित किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इन कार्यों के माध्यम से भू-जल स्तर में सुधार के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल स्रोत विकसित किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन डबरी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिले को प्राप्त लक्ष्य, योजना के लाभ, पात्रता मापदंड एवं तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए पात्र हितग्राहियों को डबरी निर्माण कार्य के प्रशासकीय स्वीकृति आदेश भी प्रदान किए गए।
हितग्राहियों से चर्चा करते हुए उन्हें आजीविका डबरी के माध्यम से मत्स्य पालन, बतख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन सहित अन्य आजीविका संवर्धन गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके।
इसके साथ ही ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित आवासों में वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज पिट निर्माण को जनभागीदारी से कराने के लिए सरपंचों को ग्रामीणों को जागरूक करने का आह्वान किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सरपंचों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश दिया गया, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।



