बसना(जीतयादव)।नेशनल हेराल्ड (यंग इंडियन) मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस के सक्रिय नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि इस मामले में ED द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह से फर्जी, अवैध और दुर्भावनापूर्ण थी, जिसे न्यायपालिका ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि माननीय न्यायालय ने यंग इंडियन मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ की गई ED की कार्रवाई को असंवैधानिक और आधारहीन माना है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने अवलोकन में यह स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में न तो प्रवर्तन निदेशालय के पास वैध अधिकार क्षेत्र था और न ही कोई एफआईआर दर्ज थी। बिना एफआईआर के इस तरह की जांच और कार्रवाई कानून के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
भाजपा का दुष्प्रचार अभियान न्यायालय में असफल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्षों तक भाजपा ने इस मामले को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया और कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने के लिए मीडिया ट्रायल चलाया गया। लेकिन न्यायालय के निर्णय से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि यह मामला कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतरता।
उन्होंने कहा कि अदालत की टिप्पणियों से यह भी साफ हुआ है कि इस मामले में
किसी प्रकार की मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हुई,
कोई आपराधिक आय सामने नहीं आई,
और न ही किसी तरह का अवैध संपत्ति हस्तांतरण हुआ।
राजनीतिक प्रतिशोध की नीति उजागर
मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को डराने और दबाने का प्रयास किया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और ‘विच हंट’ करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है, लेकिन सच्चाई अंततः सामने आ ही जाती है।
लोकतंत्र की जीत : कांग्रेस
अपने बयान के अंत में मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि यह फैसला केवल कांग्रेस पार्टी की जीत नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संविधान की जीत है। उन्होंने कहा,“कांग्रेस का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—हम न पहले झुके थे, न आज झुकेंगे और न भविष्य में झुकेंगे। हम सत्य, संविधान और हर भारतीय के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।”उन्होंने विश्वास जताया कि जनता अब जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और राजनीतिक साजिशों को भली-भांति समझने लगी है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होगी।






