रायपुर।मां भगवती महाकाली की प्रेरणा, भगवान सदाशिव एवं प्रभु श्रीराम की कृपा तथा समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से ग्राम दलदलसिवनी में संगीतमय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह पावन आयोजन 16 दिसंबर से 22 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से प्रारंभ होकर विश्राम हरिछठा तक चलेगा।

आचार्य श्री युवराज पाण्डेय जी करेंगे संगीतमय श्रीराम कथा मानस का रसपूर्ण वाचन
इस सात दिवसीय श्रीराम कथा का वाचन छत्तीसगढ़ के गौरव, राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक आचार्य श्री युवराज पाण्डेय जी (अमलीपदर/देवभोग, जिला-गरियाबंद) द्वारा किया जाएगा। कथा स्थल पानी टंकी के पास, खेल मैदान, दलदलसिवनी, रायपुर (छ.ग.) निर्धारित किया गया है।

आयोजकों के अनुसार कहा जाता है कि श्रीराम कथा श्रवण पूर्वजों के आशीर्वाद एवं हजारों जन्मों के पुण्य उदय होने पर ही प्राप्त होता है। ऐसे में यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली अवसर माना जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे सपरिवार, इष्ट-मित्रों सहित कथा स्थल पर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
कथा प्रसंगों का क्रम इस प्रकार रहेगा—
16 दिसंबर (मंगलवार): भव्य कलश यात्रा, देवी पूजन, गुरु पूजन, व्यास पीठ पूजन, मंगलाचरण, वाल्मीकि, तुलसीदास एवं शिव सती चरित्र
17 दिसंबर (बुधवार): कामदेव दहन, शिव विवाह, शिव-पार्वती संवाद, राम अवतार हेतु प्रतापभानु की कथा, जमदग्नि कथा, राम जन्म
18 दिसंबर (गुरुवार): बाललीला, नामकरण, ताड़कावध, राम-लक्ष्मण का विश्वामित्र के साथ जनकपुर प्रवेश, श्रीराम-जानकी विवाह
19 दिसंबर (शुक्रवार): बारात का अयोध्या लौटना, मंथरा-कैकेयी-दशरथ संवाद, श्रीराम-सीता-लक्ष्मण का वनगमन
20 दिसंबर (शनिवार): केवट प्रसंग, दशरथ मरण, भरत चित्रकूट गमन, श्रीराम चरण पादुका प्रदान, भरत का अयोध्या लौटना
21 दिसंबर (रविवार): भरत चरित्र, पंचवटी निवास, शूर्पणखा की कथा, मारिच वध, सीता हरण, जटायु का प्रसंग
22 दिसंबर (सोमवार): सुंदर कांड, हनुमान मिलन, सेतु निर्माण, रावण वध, श्रीराम का अयोध्या प्रस्थान एवं आचार्य जी का नगर भ्रमण

आयोजकों ने बताया कि यह कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, मर्यादा, संस्कार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला महायज्ञ है। कथा के माध्यम से श्रीरामचरित मानस के आदर्शों को आत्मसात कर जीवन को धन्य बनाने का संदेश दिया जाएगा।समस्त श्रद्धालुजनों से सादर निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस संगीतमय श्रीराम कथा का लाभ लें और आयोजन को सफल बनाएं।



