बसना(जीतयादव)।महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत अंकोरी में पदस्थ रोजगार सहायक नवीन साव पर भ्रष्टाचार, अवैध उगाही और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीड़ित हितग्राहियों ने मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर तत्काल सेवा से बर्खास्तगी की मांग की है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर, सीईओ और जनप्रतिनिधियों से की त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर महासमुंद, जिला पंचायत सीईओ महासमुंद तथा जनपद पंचायत सीईओ बसना को ज्ञापन सौंपा है। पीड़ितों का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा लंबे समय से मनमानी की जा रही है, लेकिन शिकायत के एक माह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से शासन-प्रशासन की निष्क्रियता उजागर होती है। मामले से महासमुंद लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी एवं बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल को भी अवगत कराया गया, किंतु अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

38 से अधिक हितग्राहियों ने लगाया गबन और अनियमितता का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों के अनुसार 38 से 40 हितग्राहियों ने रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए बताया गया कि श्रीमती भगवती सुरजाल के नाम पर स्वीकृत आवास की राशि ग्राम की ही एक अन्य महिला भाग्यवती बाघ को दे दी गई, जबकि वह पहले ही योजना का लाभ ले चुकी हैं। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया गया है।
इसके अलावा आरोप है कि ढाबाबाई डड़सेना के नाम पर स्वीकृत आवास की राशि उनके परिवार के तीन सदस्यों, जिनमें उनके पिता अरुण साहू भी शामिल हैं, के खातों से निकाली गई, जिसकी जानकारी वास्तविक हितग्राही को नहीं दी गई। इसी प्रकार अन्य कई हितग्राहियों के खातों से राशि निकालकर गबन करने के आरोप भी सामने आए हैं।
₹2 हजार से ₹10 हजार तक अवैध वसूली, पीएम आवास योजना में गंभीर गड़बड़ी का आरोप
भूमि सुधार कार्यक्रम अंतर्गत मेड़बंदी कार्य में भी व्यापक अनियमितता का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि एक सार्वजनिक बैठक में रोजगार सहायक ने स्वयं स्वीकार किया कि प्रत्येक हितग्राही से ₹2,000 से ₹10,000 तक राशि ली गई। आरोप है कि राशि नहीं देने पर हितग्राहियों की स्वीकृत रकम फ्रीज या कैंसिल कर दी जाती थी।

मजदूरी भुगतान में भी अनियमितता की शिकायतें सामने आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई मजदूरों की मजदूरी खाते में आने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जबकि कुछ हितग्राहियों की राशि का स्वयं उपयोग कर लिया गया। श्रीमती मालती नेताम का खाता नगद राशि लेकर जमा न करने के कारण ब्लॉक हो जाने का मामला भी प्रकाश में आया है।

पीड़ित हितग्राहियों ने मांग की है कि रोजगार सहायक नवीन साव की संपूर्ण कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर ग्रामवासियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं पीड़ितों की उपस्थिति में जांच की जाए और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए।



₹2 हजार से ₹10 हजार तक अवैध वसूली, पीएम आवास योजना में गंभीर गड़बड़ी का आरोप