महासमुंद।अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी महासमुंद ने सोमवार को बेमचा स्थित जिला जेल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में समिति की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर शामिल थे।निरीक्षण उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के दिशा-निर्देशों के पालन में किया गया।
जेल व्यवस्थाओं का किया गया सूक्ष्म निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान समिति ने निम्न बिंदुओं का विशेष रूप से आकलन किया—
बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता
जेल परिसर में बने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग कक्ष
बैरकों की स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्था
जेल बिल्डिंग की स्थिति एवं मरम्मत आवश्यकताएँ
नवनिर्मित बैरकों की प्रगति
बंदियों एवं परिजनों के लिए मुलाकात कक्ष
जेल विस्तारीकरण के लिए भूमि हस्तांतरण
बंदियों को उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, कपड़ों की स्थिति
शौचालय व्यवस्था
प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएँ
अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं की वस्तुस्थिति का अवलोकन कर सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बंदियों से की सीधी बातचीत
अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी द्वारा जेल बैरकों में जाकर बंदियों से सीधे चर्चा की गई।
बंदियों से उनके—
रहन-सहन
सुविधाओं की उपलब्धता
न्यायालय में लंबित मामलों
अधिवक्ता से संपर्क
समस्याओं एवं आवश्यकताओं
के संबंध में जानकारी ली गई। अधिकारीगण ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया।
अतिरिक्त बैरकों का निरीक्षण
निरीक्षण टीम ने हाल ही में निर्मित अतिरिक्त बैरकों का भी अवलोकन किया। सुरक्षा, संरचना और सुविधा के मद्देनज़र टीम ने आवश्यक सुझाव दिए।दिलीसा सचिव आफरीन बानो ने बताया कि यह निरीक्षण उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में किया गया है। जेल प्रबंधन को बेहतर बनाने तथा बंदियों के न्यायिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की समीक्षा अनिवार्य है।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
एडिशनल एसपी प्रतिभा पाण्डेय
एसडीएम अक्षा गुप्ता
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रियदर्शन गोस्वामी, आदित्य जैन
तहसीलदार जुगल किशोर
जेल चिकित्सा अधिकारी महेन्द्र चौधरी
टीआई महासमुंद शरद दुबे



