सरायपाली (जीत यादव)।शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से FLN (Foundational Literacy & Numeracy) मेला का आयोजन दर्राभाठा, मुड़पहार और आदिवासी कन्या आश्रम डुडूमचुवां में संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
दर्राभाठा में FLN मेला और बाल दिवस
शासकीय प्राथमिक शाला दर्राभाठा में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को ग्राम पंचायत एवं शाला की ओर से कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, कटर सहित आवश्यक अध्ययन सामग्री वितरित की गई।
शाला प्रबंध समिति अध्यक्ष द्वारा कलम-पेंसिल तथा पालक राजू बंछोर द्वारा बच्चों को टॉफी वितरित की गई।
FLN मेले में बच्चों ने हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषयों पर आधारित अवधारणा-आधारित गतिविधियों का मनमोहक प्रदर्शन किया। छोटे बच्चों की प्रतिभा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम में प्रधानपाठक हृदयराम साव, सरपंच भूमिसूता देहरी, सचिव सरोजनी मिश्रा, उप सरपंच जितेंद्र पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पालक उपस्थित रहे।
शिक्षकों को अंगवस्त्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन शिक्षक जयंत बारीक ने किया।
अंत में बच्चों को खीर-जलेबी का वितरण किया गया।
मुड़पहार में FLN स्टॉल और बाल दिवस कार्यक्रम
शासकीय प्राथमिक शाला मुड़पहार, संकुल केंद्र केजुवां में भी FLN मेला बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया।
बच्चों ने विभिन्न अवधारणाओं के स्टॉलों पर जाकर सीखने-समझने की गतिविधियों में भाग लिया।
पालक एवं अतिथियों ने भी स्टॉलों पर गतिविधियाँ कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
नोडल श्रवण प्रधान, संकुल संयोजक कन्या सरायपाली, भोलानाथ नायक, संकुल समन्वयक केजुआ, श्रीमती शकुंतला हीरा तथा SMC अध्यक्ष सहित अनेक पालक मौजूद रहे।
बाल दिवस पर बच्चों ने नृत्य, कविता पाठ एवं मनोरंजक गतिविधियों से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
बच्चों को मिष्ठान व उपहार वितरित किए गए।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक भूपेंद्र सिंह नेताम एवं आभार प्रदर्शन संस्था प्रमुख खिरोद जेरी ने किया।
आदिवासी कन्या आश्रम डुडूमचुवां में नवाचार से भरपूर FLN मेला
डुडूमचुवां आश्रम शाला में FLN मेले का आयोजन विषय-आधारित स्टॉलों के साथ किया गया।
यहाँ बच्चों ने—
“ऊंगली फिराओ, शब्द बनाओ”
“मैं हूँ कौन? वर्ण पहचानो”
आकृतियों की पहचान (गणित)
स्थानीय मान—इकाई-दहाई
अंग्रेजी में फॉनिक्स साउंड – मैजिक साउंड
जैसे आकर्षक स्टॉलों का संचालन किया, जिसने सभी को प्रभावित किया।
अध्यक्ष उमा इंद्रमणी साहू, पंच फत्तेलाल साहू सहित कई प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों व समिति सदस्यों ने कार्यक्रम की सराहना की।
बाल दिवस पर बच्चों का तिलक व पुष्प से स्वागत किया गया।
उन्हें पेन–पेंसिल प्रदान कर पं. जवाहरलाल नेहरू के योगदान की जानकारी दी गई।
अंत में बच्चों को पकौड़ा खिलाकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम संचालन शिक्षक सुन्दर लाल डडसेना, तथा आभार प्रदर्शन संस्था प्रमुख अंजनी चौहान द्वारा किया गया।
समापन
तीनों स्थानों पर आयोजित FLN मेले ने यह संदेश दिया कि—
“सीखना जब अनुभव और खेल से जुड़ता है, तब शिक्षा सच में जीवंत हो जाती है।”
बच्चों, पालकों, शिक्षकों और पंचायत प्रतिनिधियों की सजग सहभागिता से कार्यक्रम अत्यंत सफल और प्रेरणादायी रहा।






