बसना।रजत जयंती पर्व के उपलक्ष्य में वन परिक्षेत्र बसना द्वारा शासकीय हाई स्कूल रोहिना में वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बसना वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यालय परिसर में आम, आंवला, कटहल, जामुन और सिंदूरी सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।
“जीवन बचाना है, तो पेड़ बचाना जरूरी” — निराला
वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हमें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि बढ़ते वायु प्रदूषण और ओजोन परत के क्षरण से मानव जीवन खतरे में है। पेड़ ही इन प्राकृतिक संकटों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय हैं।
उन्होंने “एक पेड़ छत्तीसगढ़ महतारी के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की अपील की।साथ ही छात्रों को वृक्षों के महत्व, वृक्ष मित्र योजना, जलवायु संतुलन और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताया।
सरपंच का सहयोग का आश्वासन
कार्यक्रम में सरपंच धनंजय मरकाम ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा।इस अवसर पर उपवन परिक्षेत्र अधिकारी काशीराम डड़सेना, सत्येंद्र कश्यप, बैदनाथ बारीक, धनुर्जय मरकाम, त्रिनाथ सेठ, सचिव उसत कुमार, प्राचार्य ए.के. जायसवाल, कमलेश साहू, के.के. साहू और लक्ष्मण पटेल उपस्थित रहे।
बच्चों द्वारा लगाए पौधों का QR कोड जारी
प्रभारी प्राचार्य अजय कुमार जायसवाल ने बताया कि विद्यालय परिसर में इको क्लब प्रभारी कमलेश साहू द्वारा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए सभी पौधों का QR कोड जारी किया गया, ताकि संरक्षण और निगरानी की प्रक्रिया आसान हो सके।





