बिलासपुर- प्रार्थना सभा के नाम पर चंगाई सभा और धर्मान्तरण पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर से हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने लोगों की बीमारी ठीक करने और प्रलोभन देकर धर्म बदलने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पास्टर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। दरअसल, बिलासपुर जिले में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत प्रार्थना सभा के बहाने हिंदुओं को बर्गलाने और शहर से लेकर गांव तक चंगाई सभा करने का आरोप लगाकर ऐसे लोगों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया जा रहा है।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ता लगातार घूम-घूम कर शुक्रवार और रविवार को होने वाले प्रार्थना सभा को ही टारगेट कर रहें हैं, जहां हिन्दू वर्ग के लोगों को बुलाया जाता है। उनका आरोप है कि गरीब और ज़रुरतमंद लोगों के साथ बीमारी सहित अन्य तरह से परेशान लोगों को उनकी मदद करने का झांसा देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। साथ ही उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। थाने में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मान्तरण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही थाने में एक आवेदन भी दिया।
उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पास्टर सुखनंदन लहरे और उसके भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम और बीएनएस की धारा 299 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।