बसना(जीतयादव)। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी एवं इंग्लिश माध्यम विद्यालय, पिरदा में विधिक साक्षरता शिविर का विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारियों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजन किया गया। यह शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल रही, जिसमें छात्रों को कानून की व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
विधिक साक्षरता शिविर में विद्यार्थियों को बताए गए अधिकार और कानूनी प्रक्रियाएं
इस अवसर पर बसना न्यायालय के न्यायाधीश मनजीत जांगड़े मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण अधिनियमों की जानकारी दी, जिससे छात्रों को कानून की मूलभूत समझ मिल सके।
कानून की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया
न्यायाधीश जांगड़े ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाने पर प्रतिबंध, पॉक्सो अधिनियम, गुड टच–बैड टच, लैंगिक अपराधों से जुड़े कानून, तथा सड़क सुरक्षा अधिनियम जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों को बेहद सरल एवं प्रभावी शब्दों में समझाया।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एफआईआर क्या होती है, शिकायत कहां और कैसे दर्ज की जाती है, तथा यदि थाने में रिपोर्ट दर्ज न हो तो उच्च अधिकारियों या न्यायालय से संपर्क करने की प्रक्रिया क्या होती है। यह जानकारी छात्रों के लिए वास्तविक जीवन में उपयोगी मार्गदर्शन साबित हुई।
करियर मार्गदर्शन और प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश जांगड़े ने छात्रों को उच्च श्रेणी के पदों की तैयारी, अनुशासन, और लगातार परिश्रम के महत्व पर प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सही दिशा में मेहनत कर विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन वरिष्ठ शिक्षक लोरीश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तरूण पटेल, वरिष्ठ व्याख्याता महेश कुमार बरिहा, पी.के. बरिहा, पीताम्बर साहू, निर्मला शेष, शंभुशरण कर सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता और विशेष सहयोग प्रदान किया।
विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरक और भविष्य उपयोगी बताया।





