महासमुंद। नियमितीकरण, संविलियन और न्यूनतम 15 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक की मांग को लेकर जिले के कोटवारों ने दूसरे चरण का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के बैनर तले जिले की विभिन्न तहसीलों से पहुंचे कोटवारों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
कोटवारों ने नियमितीकरण, राजस्व विभाग में संविलियन और न्यूनतम 15 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक की मांग को लेकर रैली निकालकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
प्रदर्शनकारी सुबह करीब 11 बजे लोहिया चौक पर एकत्र हुए। यहां धरना देकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की गई। इसके बाद दोपहर करीब 3 बजे कोटवार रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
कोटवारों की प्रमुख मांग है कि उन्हें शासकीय सेवा में नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए। महंगाई को देखते हुए मासिक पारिश्रमिक बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपए निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, कोटवार पदों पर गैर-वंशज सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगाने और पहले की तरह कोटवार परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देने की मांग की गई। नगर पालिका निगम क्षेत्र में शामिल गांवों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
संगठन के अनुसार, इससे पहले 4 जुलाई को भी कोटवारों ने रैली निकालकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी थीं। इसके बाद भी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़ा।
संगठन के प्रांताध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ ने कहा कि कोटवार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन आगे उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।


