रायपुर(जीतयादव)।ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन के बढ़ते उपयोग के बीच AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधियों द्वारा लोगों के आधार और बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकाले जा रहे हैं। ऐसे मामलों से बचाव और नुकसान कम करने के लिए तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी बताया गया है।
AEPS फ्रॉड होने पर तुरंत करें ये काम, साइबर ठगी से बचने जारी हुई सलाह।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के साथ AEPS फ्रॉड होता है तो सबसे पहले तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके बाद संबंधित बैंक के कस्टमर केयर में संपर्क कर AEPS ट्रांजैक्शन की जानकारी देते हुए चार्जबैक की मांग करनी चाहिए।

साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने सलाह दी है कि पीड़ित व्यक्ति ट्रांजैक्शन डिस्प्यूट फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करें और शिकायत का SRN नंबर सुरक्षित रखें। साथ ही फ्रॉड होने के 120 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज कराना जरूरी बताया गया है, ताकि कार्रवाई समय पर हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ आधार, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता और त्वरित शिकायत ही सबसे बड़ा बचाव है।



