बसना(जीतयादव)। बसना विधानसभा क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए इसे “डिफॉल्टर प्रोजेक्ट” बताया है। उनका कहना है कि कागजों में योजना पूरी दिखाई जा रही है, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को अब भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
बसना में जल जीवन मिशन पर सवाल, करोड़ों खर्च के बाद भी गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी।
उन्होंने बताया कि बसना और पिथौरा ब्लॉक में करोड़ों रुपये की लागत से पानी टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया, लेकिन कई गांवों में आज भी जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। कहीं मोटर खराब है, कहीं पाइपलाइन अधूरी है, तो कई जगह बिजली की समस्या के कारण सप्लाई बाधित है।

मोक्ष कुमार प्रधान के अनुसार, गर्मी की शुरुआत में ही हालात चिंताजनक हैं और आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों को आज भी हैंडपंप और कुओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे योजना के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
यह योजना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बड़े स्तर पर शुरू की गई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसके क्रियान्वयन को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रधान ने योजना में लापरवाही, भ्रष्टाचार और निगरानी की कमी के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने प्रशासन से दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द हर गांव में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा जनआंदोलन का रूप ले सकता है।



