बसना(जीतयादव)।शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल में वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए “विज्ञान का पिटारा” नामक नवाचारी गतिविधि का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल विज्ञान शिक्षक प्रेमचन्द साव के नेतृत्व में हो रही है, जिनके प्रयासों से पूरे छत्तीसगढ़ में विज्ञान को रुचिकर और गतिविधि आधारित तरीके से पढ़ाने की पहचान बनी है।
नवाचारी विज्ञान शिक्षक प्रेमचन्द साव के नेतृत्व में आयोजित गतिविधि।
इस गतिविधि के तहत छात्रों को विषय से संबंधित खेल, प्रयोग, पहेलियाँ, पोस्टर, फ्लैशकार्ड, वर्कशीट और प्रायोगिक सामग्री के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। छात्रों को पिटारे से सामग्री निकालकर सवालों का जवाब देना होता है और उस दिन सबसे अधिक सही जवाब देने वाले छात्र को विजेता घोषित किया जाता है। इसका उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति को कम कर “करके सीखने” की शिक्षा बढ़ावा देना है।
नवाचारी शिक्षक प्रेमचन्द साव ने बताया कि “विज्ञान का पिटारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाने, मूलभूत समझ विकसित करने और भविष्य की शैक्षिक पहलों के लिए मानक स्थापित करने में मदद करता है। यह खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की विविध शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करता है।”
इस पहल की सराहना करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे ने कहा कि इस तरह की गतिविधि आधारित शिक्षा छात्रों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच, व्यावहारिक ज्ञान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सहयोग और समस्या-समाधान कौशल को विकसित करती है। इसी प्रकार, विकासखण्ड स्रोत केंद्र समन्वयक अनिल सिंह साव ने बताया कि ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
इस नवाचारी गतिविधि में डॉ.सी.व्ही.रमन विज्ञान क्लब और बाल कैबिनेट शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल ने भी सहयोग प्रदान किया। छात्रों ने इस गतिविधि में बड़ी रुचि दिखाई और विज्ञान के अध्ययन को आनंदमय और व्यावहारिक अनुभवपूर्ण बताया।



