बसना। शासकीय प्राथमिक शाला जोगीपाली में पदस्थ सहायक शिक्षिका रुबीना बानो को “मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण 2025 – शिक्षादूत पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय योगदान,गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बच्चों के सर्वांगीण विकास और विद्यालय स्तर पर किए गए रचनात्मक प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण 2025 “शिक्षादूत” पुरस्कार शिक्षा में नवाचार और समर्पण की मिली बड़ी पहचान।
यह गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह दिनांक 16 जनवरी 2026 को स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, चंद्रहास चंद्राकर (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बीज भंडार निगम), इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी (राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट गाइड) एवं डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण पुरस्कार का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, नवाचार को प्रोत्साहित करना और शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रेरित करना है। शिक्षिका रुबीना बानो ने अपनी शिक्षकीय सेवा के दौरान विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि बढ़ाने, नियमित उपस्थिति सुधारने, खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा विद्यालय के शैक्षिक वातावरण को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। इसके साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने के लिए अनेक शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया।

उनके इन प्रयासों से विद्यालय को एक नई पहचान मिली है और क्षेत्र में शिक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। इस उपलब्धि पर बसना विकासखंड शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे, बीआरसी अनिल सिंह साव, सहायक बीईओ लोकेश्वर सिंह कंवर, विभिन्न संकुल समन्वयकों, प्राचार्यों, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षक साथियों एवं ग्रामवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी रुबीना बानो को नवाचारी शिक्षक सम्मान, आदर्श शिक्षक सम्मान एवं छत्तीसगढ़ शिक्षक रत्न सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके सतत समर्पण और शिक्षण कार्य की सशक्त पहचान है।




