बसना(जीतयादव)।बसना स्थित कोर्ट में पुराने एवं लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और आम नागरिकों को न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित नेशनल लोक अदालत बसना विकासखंड के सैकड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए निराशा का कारण बन गई। जहां उपभोक्ता न्याय और राहत की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, वहीं उन्हें निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा।
लोक अदालत में बड़ी संख्या में ऐसे बिजली उपभोक्ता पहुंचे, जिन्हें विद्युत विभाग द्वारा बकाया बिलों को लेकर नोटिस जारी किया गया था। उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि लोक अदालत में उनके प्रकरणों की सुनवाई होगी और अनावश्यक रूप से बढ़े हुए बिजली बिलों में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
अजीबो-गरीब बिजली बिल लेकर पहुंचे उपभोक्ता
लोक अदालत में पहुंचे कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें चार वर्षों बाद एक साथ 40 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल थमा दिया गया है। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं के घर एक ही मीटर होने के बावजूद दो-दो बिजली बिल भेजे गए हैं। इन विसंगतियों के चलते उपभोक्ता मानसिक, आर्थिक और प्रशासनिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे अपनी समस्याएं लेकर विद्युत विभाग कार्यालय जाते हैं तो समाधान करने के बजाय उन्हें टाल दिया जाता है। इसी उम्मीद में वे लोक अदालत पहुंचे थे कि यहां उनकी बात सुनी जाएगी।
सुनवाई के बजाय इधर-उधर भेजे गए फरियादी
लोक अदालत में पहुंचे बिजली उपभोक्ताओं के प्रकरणों को सुने बिना ही उन्हें तहसीलदार, एसडीएम और विधायक से संपर्क करने की सलाह देकर लौटा दिया गया। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई।स्थिति यह रही कि 40 किलोमीटर दूर-दराज के गांवों से आए उपभोक्ता दिनभर तहसील कार्यालय और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटते रहे, लेकिन न तो तहसीलदार मिले और न ही एसडीएम। शाम तक थक-हारकर उपभोक्ता निराश होकर अपने घर लौटने को मजबूर हो गए।
100 से अधिक उपभोक्ता पहुंचे थे लोक अदालत
भंवरपुर, बड़े साजापाली सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे थे।उपभोक्ता सुशील साहू, जगदीश साहू, देवकांत कुर्रे, बलिराम जांगड़े, प्रवीण ओगरे, यशोदा सहित अन्य ने बताया कि भंवरपुर और बड़े साजापाली क्षेत्र से ही करीब 60 उपभोक्ता लोक अदालत में पहुंचे थे, जबकि पूरे बसना विकासखंड से 100 से अधिक बिजली उपभोक्ता अपने प्रकरणों के निराकरण की उम्मीद लेकर आए थे।
चार साल बाद 40 हजार का एकमुश्त बिल
कोलिहादेवरी निवासी बलिराम साहू (पिता धर्म सिंह) ने बताया कि उनके घर पिछले चार वर्षों से एक बार भी बिजली बिल नहीं आया। अचानक विभाग ने चार साल का एकमुश्त 40 हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग से शिकायत के बावजूद बिल में किसी तरह का सुधार नहीं किया गया।
प्रशासन और विद्युत विभाग पर उठे सवाल
लोक अदालत जैसे मंच से राहत न मिलने के बाद उपभोक्ताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि लोक अदालत में भी उनकी सुनवाई नहीं होगी, तो आम नागरिक न्याय के लिए आखिर जाएं तो कहां जाएं।






