बसना(जीतयादव)।प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विश्व की प्रतिष्ठित संस्था World Wide Fund for Nature (WWF) द्वारा भारत के विभिन्न राज्यों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन्हीं परियोजनाओं में से एक “शिकारी पक्षी संरक्षण कार्यक्रम” का आयोजन मध्यप्रदेश में 15 जनवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में आयोजित WWF अंतरराष्ट्रीय परियोजना में छत्तीसगढ़ से हुआ चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर।
इस WWF विशेष अभियान का उद्देश्य विलुप्तप्राय एवं संकटग्रस्त शिकारी पक्षियों (Raptors) जैसे गिद्ध, चील, बाज, उल्लू आदि की पहचान, गणना, संरक्षण एवं उनके प्रति जनजागरूकता फैलाना है। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में इन पक्षियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ये प्रकृति की स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखने में सहायक होते हैं।

WWF अंतरराष्ट्रीय परियोजना के लिए देशभर से चयनित स्वयंसेवकों (वैलेंटियर) में छत्तीसगढ़ राज्य से योगेश कुमार बढ़ाई का चयन होना क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। योगेश कुमार बढ़ाई पूर्व से ही पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं। उनके चयन से यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ में भी पर्यावरण के प्रति सजग और समर्पित युवाओं की कमी नहीं है।

कार्यक्रम के अंतर्गत 15 मार्च 2026 को विशेष फील्ड एक्टिविटी आयोजित की जाएगी, जिसमें चयनित वैलेंटियर प्राकृतिक आवासों में जाकर पक्षियों का सर्वेक्षण करेंगे, डेटा संग्रह करेंगे तथा स्थानीय लोगों को संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संरक्षण की आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी दी जाएगी।
योगेश कुमार बढ़ाई के चयन पर स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने आशा व्यक्त की है कि उनकी सहभागिता से न केवल शिकारी पक्षियों के संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता और अधिक मजबूत होगी।




