बसना(जीतयादव)।धान खरीदी के लिए कई दिनों से टोकन कटाने के लिए परेशान किसान मनबोध गांडा ने शुक्रवार को ब्लेड से अपना गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोडरीदादर (सेनभांठा) में धान खरीदी सिस्टम की लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
कई दिनों से टोकन के लिए चक्कर काट रहा था किसान
जानकारी के अनुसार, किसान मनबोध गांडा लगातार कई दिनों से ऑनलाइन टोकन कटाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सिस्टम बार–बार फेल हो रहा था। लगातार व्यर्थ प्रयासों और मानसिक तनाव से वह इतना परेशान हुआ कि उसने घर पर ही ब्लेड से अपना गला काट लिया।
किसान खून से लथपथ जमीन पर गिरा पड़ा तड़पता रहा। ग्रामीणों ने उसे इस हालत में देखकर तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताया है।

मोक्ष कुमार प्रधान ने सरकार पर किया तीखा हमला
जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस के सक्रिय नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा—
“यह आत्महत्या का प्रयास नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की लापरवाही का नतीजा है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने किसानों को मरने पर मजबूर कर दिया है।”
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि—
हजारों किसान एग्रीटेक रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे,
टोकन सिस्टम लगातार फेल हो रहा है,
किसान खरीदी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं,
और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है।
उन्होंने सवाल उठाया—
“भाजपा सरकार खुद को किसान हितैषी कहती है, लेकिन क्या मनबोध गांडा और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा? क्या कृषि मंत्री इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे या फिर छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करेगी?”
अब सबकी नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर
घटना ने एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था और ऑनलाइन सिस्टम की खामियों को उजागर किया है। ग्रामीणों और किसान संगठनों में नाराज़गी है कि यदि सिस्टम सुचारू होता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती।
अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस मामले में किसानों के लिए कौन सा ठोस कदम उठाती है।




