रायपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल के शिक्षक एवं साहित्यकार प्रेमचन्द साव को कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी सह सम्मान समारोह में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों और नवाचारी शिक्षण गतिविधियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने उन्हें सम्मान-पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर उनके शैक्षणिक योगदान की सराहना की।
यह आयोजन एम.डी. एजुकेशन सोसाइटी, सरायपाली एवं ‘शिक्षा सारांश’ शैक्षिक मासिक पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में तथा कलिंगा यूनिवर्सिटी, रायपुर के विशेष सहयोग से आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेशभर से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं नवाचारी कार्य करने वाले 125 से अधिक चयनित शिक्षकों का अभिनंदन किया गया।
नवाचारी शिक्षण गतिविधियों के लिए शिक्षक प्रेमचन्द साव को मिला सम्मान।
शिक्षक प्रेमचन्द साव द्वारा विद्यालय में लंबे समय से बच्चों को रचनात्मक, गतिविधि आधारित और अनुभवात्मक वातावरण में शिक्षा देने के लिए विभिन्न नवाचार किए जा रहे हैं। उनके प्रमुख प्रयासों में वर्ष 2017 से ‘बाल दर्पण’ मासिक वॉल मैगजीन का प्रकाशन, गतिविधि आधारित शिक्षण, ‘विज्ञान का पिटारा’, बाल संसद, नाटक आधारित विज्ञान शिक्षण, कविता आधारित शिक्षण तथा डॉ. सी.वी. रमन बाल विज्ञान परिषद जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
इन प्रयासों के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय प्रयोग, रचनात्मक लेखन, अभिनय, कविता, वैज्ञानिक गतिविधियों, समूह कार्य और नेतृत्व विकास के अवसर दिए जा रहे हैं।
समारोह की अध्यक्षता कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने की। विशेष अतिथि के रूप में प्रमोद डेहरी तथा राज्य शिक्षक सम्मान से विभूषित डॉ. अनिल कुमार प्रधान उपस्थित रहे। सम्मान मिलने पर विद्यालय परिवार एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने प्रेमचन्द साव को बधाई दी।


