बसना(जीतयादव)।गढ़पटनी में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 के अंतर्गत मतदाता सूची में पाई गई लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (तार्किक विसंगतियों) के निराकरण हेतु सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह सुनवाई निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरी पारदर्शिता एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाता उपस्थित रहे।
SIR-2026 में पता व दोहरे नामांकन से जुड़ी त्रुटियों को दूर करने बड़ी संख्या में पहुँचे मतदाता।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना रहा। सुनवाई के दौरान नाम, आयु, पता, लिंग, फोटो, दोहरे नामांकन, मृत मतदाताओं के नाम, स्थानांतरण से संबंधित त्रुटियों एवं अन्य तकनीकी विसंगतियों पर गंभीरता से विचार किया गया।इस अवसर पर बीएलओ, सुपरवाइजर एवं निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे और मतदाताओं की समस्याएँ सुनकर दस्तावेजों के आधार पर सुधार की प्रक्रिया शुरू की गई।

अधिकारियों द्वारा मतदाताओं को SIR-2026 की जानकारी दी गई कि यदि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि है, तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर उसका समाधान कराया जा सकता है। साथ ही फॉर्म भरने की प्रक्रिया, आवश्यक प्रमाण पत्र तथा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों की विस्तृत जानकारी दी गई।विशेष रूप से युवा मतदाताओं एवं नए पंजीकरण के लिए आए नागरिकों को मतदाता अधिकार एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया।
सुनवाई के दौरान शांतिपूर्ण एवं सहयोगात्मक वातावरण बना रहा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सुनवाई से मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ती है और भविष्य के चुनावों में किसी प्रकार की समस्या नहीं होती। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारी श्री राम सिंह मिरी ने भरोसा दिलाया कि सभी वैध दावों एवं आपत्तियों का समयबद्ध निराकरण किया जाएगा।
उपस्थित गणमान्य नागरिक
SIR-2026 विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में सरविन्द सिदार (प्रधान पाठक), जयनारायण भोई (सचिव), उमा कैवर्त, विधुमती कर, बुदेश्वरी डडसेना, निर्मला कैवर्त सहित बड़ी संख्या में मतदाता मौजूद रहे। विशेष रूप से गंगा राम कैवर्त, भक्तू कैवर्त, केशव प्रसाद पटेल, गीतांजलि वैष्णव, कैलाशी कैवर्त, ममता एवं छबि सहित अन्य मतदाताओं की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के अंत में नागरिकों से अपील की गई कि सभी पात्र मतदाता अपने नाम मतदाता सूची में अवश्य जाँचें और किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते सुधार कराएँ, ताकि लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में हर मतदाता की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।



