बसना(जीतयादव)।सिंघनपुर में आयोजित शबरी मेला महोत्सव इस वर्ष भी आस्था, संस्कृति और परंपरा का सजीव संगम बना। इस भव्य आयोजन में विधायक चातुरी नंद ने विशेष रूप से शिरकत कर कंस दरबार एवं प्रसिद्ध धनु जात्रा का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत रूप से माँ शबरी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
कंस दरबार व प्रसिद्ध धनु जात्रा में शामिल होकर माँ शबरी की पूजा-अर्चना।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि शबरी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति और परंपराओं का शक्तिशाली प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब युवा पीढ़ी तेजी से बदलती जीवनशैली की ओर बढ़ रही है, तब इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन हमारी पहचान को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम हैं।

धनु जात्रा और कंस दरबार में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कथाओं का मंचन किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पारंपरिक वेशभूषा, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और धार्मिक वातावरण ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

विधायक ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के लोक महोत्सव सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी परंपराओं पर गर्व करें और ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
शबरी मेला महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और क्षेत्रीय पहचान का प्रेरणादायी उत्सव बनकर सामने आया।




